कुशीनगर शिक्षा का लक्ष्य डिग्री नहीं, बेहतर इंसान बनाना है : सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज।

रिपोर्ट शक्ति कुमार
किसान पीजी कॉलेज में दिनकर विचार मंच की राष्ट्रीय संगोष्ठी, उत्कृष्ट एवं सेवानिवृत्त शिक्षक हुए सम्मानित
बृजभूषण सिंह बोले—पाठशालाओं में तैयार होता है देश का भविष्य, शिक्षक होते हैं राष्ट्र निर्माता
तमकुहीराज/कुशीनगर। किसान पीजी कॉलेज, तमकुही रोड के परिसर में रविवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनकर विचार मंच के तत्वावधान में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। ‘शिक्षा, संस्कार, समाज निर्माण एवं गुरु-शिष्य परंपरा’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षा के साथ संस्कार, नैतिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को एक बेहतर इंसान बनाना है। उन्होंने कहा कि ज्ञान और शिक्षा के कारण मनुष्य निरंतर प्रगति कर रहा है, लेकिन संस्कारों में लगातार कमी चिंता का विषय है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि शिक्षक के प्रति सम्मान और शिक्षा के प्रति साधना का भाव विकसित किए बिना सशक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है।

सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज फाइल फोटो
पूर्व सांसद एवं विशिष्ट अतिथि बृजभूषण सिंह ने कहा कि देश का भविष्य पाठशालाओं में तैयार होता है और शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए संस्कारयुक्त शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं समझना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में करना चाहिए।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए देवरिया के पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा, संस्कार और समाज एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। संस्कार के अभाव में शिक्षा अधूरी रह जाती है। उन्होंने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट को दूर करने के लिए गुरु-शिष्य के संबंधों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
दिनकर विचार मंच के अध्यक्ष डॉ. विजय राय ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने तथा गुरु-शिष्य की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने के उद्देश्य से इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में गुरु के प्रति सम्मान, विनम्रता और अनुशासन का भाव विकसित होना भारतीय शिक्षा परंपरा की महत्वपूर्ण पहचान है।
उत्कृष्ट एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे पूर्व सांसद, स्वागत के लिए उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह रविवार दोपहर हेलीकॉप्टर से तमकुहीराज नेशनल हाईवे स्थित पार्किंग ग्राउंड पहुंचे। उनके आगमन पर डॉ. विजय राय के नेतृत्व में लोगों ने माल्यार्पण कर उनका जोरदार स्वागत किया।

पूर्व सांसद के हेलीकॉप्टर से पहुंचने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पार्किंग ग्राउंड में पहुंच गए। हेलीकॉप्टर देखने के साथ ही लोगों में अपने लोकप्रिय नेता की एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान पार्किंग ग्राउंड में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही और माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।




