गोपालगंज के सरकारी स्कूलों में सुधरेगी पढ़ाई, कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगा कड़ा एक्शन!

एडिटर इन शक्ति कुमार ✍️
बिहार के गोपालगंज जिले से शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत ही सराहनीय और बड़ी खबर सामने आई है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षकों का पूरा समय और बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
कोचिंग और प्राइवेट ट्यूशन पर पूर्ण प्रतिबंध
अब सरकारी स्कूलों में तैनात कोई भी शिक्षक स्कूल के समय से पहले, बाद में या छुट्टियों के दिनों में भी किसी निजी कोचिंग संस्थान, ट्यूशन सेंटर या किसी अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में नहीं पढ़ा सकेगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?बच्चों की पढ़ाई का नुकसान: विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन से पैसा कमाने के चक्कर में स्कूल के बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे थे।
शिक्षकों की भारी भर्ती: हाल ही में बीपीएससी (BPSC) के माध्यम से बड़ी संख्या में नए और योग्य शिक्षकों की बहाली हुई है। अब स्कूलों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए सरकार चाहती है कि वे अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ सरकारी स्कूल के बच्चों को निखारने में लगाएं।
लापरवाही की तो खैर नहीं (होगी सख्त कार्रवाई)
गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) योगेश कुमार ने साफ कर दिया है कि इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर सूची बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ न सिर्फ विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
इस फैसले से उन गरीब और ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र-छात्राओं को सीधा फायदा होगा जो पूरी तरह सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। अब शिक्षकों का पूरा ध्यान केवल और केवल स्कूल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर केंद्रित रहेगा।




