जनता की समस्याओं पर ‘सुपरफास्ट’ एक्शन: तमकुही राज एसडीएम अकांक्षा मिश्रा की कार्यशैली से लोगों में जगी नई उम्मीद

शक्ति कुमार ✍️
तमकुही राज (कुशीनगर): शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण अब धरातल पर दिखने लगा है। तमकुही राज की उपजिलाधिकारी (SDM) अकांक्षा मिश्रा अपनी विशेष कार्यशैली को लेकर इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। किसी भी मामले में टाल-मटोल की जगह ‘तुरंत समाधान’ की उनकी नीति ने क्षेत्रीय जनता के बीच विश्वास का एक नया माहौल पैदा कर दिया है।
मौके पर न्याय, शिकायतों का अंत
अक्सर देखा जाता है कि तहसील से जुड़े मामलों में फरियादी महीनों दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं। लेकिन वर्तमान एसडीएम ने इस छवि को बदल दिया है। उनके पास आने वाली शिकायतों पर वे न केवल तुरंत संज्ञान ले रही हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर राजस्व टीम को सीधे मौके पर भेजकर विवादों का निपटारा करा रही हैं।
क्यों खास है उनकी कार्यप्रणाली?
संवेदनशीलता: गरीबों और असहायों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनना और उन्हें प्राथमिकता देना।

त्वरित निर्णय: फाइलों को लंबित रखने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर तत्काल आदेश पारित करना।
पारदर्शिता: बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर सीधे जनता से संवाद स्थापित करना।
लोगों में जगी नई आस। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटे-छोटे भूमि विवादों या प्रमाणपत्रों के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब एसडीएम के सक्रिय रवैये से न्याय की उम्मीद जगी है। तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों के चेहरे पर अब वह संतुष्टि दिखती है, जो पहले गायब थी।
“प्रशासन का काम जनता की सेवा करना है। हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति तहसील से निराश होकर न जाए और न्याय समयबद्ध तरीके से मिले।”
— एसडीएम, अकांक्षा मिश्रा तमकुही राज
तमकुही राज में प्रशासनिक सक्रियता का यह नया दौर न केवल विकास कार्यों को गति दे रहा है, बल्कि आम आदमी का सरकार और कानून व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत कर रहा है।




