कुशीनगर: ‘निष्पक्ष पत्रकारिता ही सशक्त लोकतंत्र की असली बुनियाद’ – सरदार दिलावर सिंह

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️
पत्रकार समन्वय समिति और सोशल मीडिया महासंघ की संगोष्ठी में एकजुटता का आह्वान; उमेश गिरी बने कुशीनगर के नए जिलाध्यक्ष।
पडरौना कुशीनगर। एक सजग और निष्पक्ष पत्रकार न केवल समाज का दर्पण होता है, बल्कि वह सशक्त प्रजातंत्र की सबसे मजबूत नींव भी है।
जब पत्रकारिता निष्पक्ष होती है, तभी सही मायने में समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है।” ये विचार भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सरदार दिलावर सिंह ने व्यक्त किए।
पडरौना में स्थित विशाल मैरेज हॉल में आयोजित एक भव्य संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया से जुड़े जनपद के तमाम दिग्गज पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों का समागम हुआ।
संगठन की शक्ति से मिलेंगे अधिकार
अपने संबोधन में सरदार दिलावर सिंह ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में पत्रकारों का संगठित होना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिखराव के कारण ही पत्रकारों की समस्याओं की अनदेखी होती है, जबकि एकजुट होकर ही हम अपने अधिकारों की लड़ाई जीत सकते हैं।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष कृष्ण चंद्र चौधरी और देवरिया जिलाध्यक्ष श्यामानंद पाण्डेय ने भी पत्रकारिता के गिरते मूल्यों को बचाने और पत्रकारों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए संगठन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कुशीनगर इकाई का गठन: उमेश गिरी को मिला कमान
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजू दुबे, गोविंद गिरी, रमेश गिरी और भगवंत यादव ने पत्रकार एकता पर बल देते हुए कुशीनगर में संगठन की जिला इकाई गठित करने का प्रस्ताव रखा। सदन की सर्वसम्मति से उमेश गिरी को कुशीनगर का जिलाध्यक्ष चुना गया। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने संकल्प लिया कि वे पत्रकारों के हितों के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
संगठन के अन्य पदाधिकारियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
क्षेत्र के गणमान्य पत्रकारों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में भारी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता की, जिनमें प्रमुख रूप से:
राकेश कुशवाहा, विद्यानंद ओझा, अमित मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, खुर्शीद आलम सिद्दीकी, आशीष जायसवाल, नवनीत कुमार मिश्रा, अभय मिश्रा, संजीव पाण्डेय, मंजेश राजभर, मुकेश कुशवाहा, गौरव कुशवाहा, सतीश कुमार, अमर सनातनी, नितेश कुशवाहा, रमेश राय, शैलेश सिंह, राजेश कुशवाहा, नंदलाल शर्मा, भारती यादव, धर्मेंद्र कुशवाहा, अनुराग चौरसिया, प्रभात कुशवाहा, सागर गुप्ता, हरि राजभर, सरदार सिमरजीत सिंह और विक्रम यादव समेत कई अन्य पत्रकार साथी शामिल रहे।
यह संगोष्ठी पडरौना में पत्रकारिता के भविष्य और पत्रकारों की एकजुटता के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई, जहाँ ‘निष्पक्षता’ को ही पत्रकारिता का परम धर्म स्वीकार किया गया।




