बंगाल विजय के ‘किंगमेकर’ बने संजय गुप्ता: शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में बढ़ा तमकुहीराज का मान।

सलेमगढ़ (कुशीनगर)/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का उदय हो चुका है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में जब शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो वहां मौजूद जनसैलाब के बीच उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद की गूँज भी सुनाई दी।
तमकुही राज विधानसभा के जुझारू भाजपा नेता और प्रसिद्ध समाजसेवी संजय गुप्ता की इस समारोह में विशिष्ट उपस्थिति ने जिले का मस्तक राष्ट्रीय पटल पर ऊंचा कर दिया है।
शीर्ष नेतृत्व के भरोसेमंद: मंच पर दिखी खास झलक
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान संजय गुप्ता का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्हें न केवल विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसे कद्दावर नेताओं के साथ उनकी सक्रियता राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। जानकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व का यह भरोसा संजय गुप्ता की संगठन के प्रति अटूट निष्ठा और उनकी रणनीतिक कुशलता का प्रमाण है।
बंगाल फतह में ‘ओबीसी फैक्टर’ के सारथी
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे संजय गुप्ता की संगठनात्मक क्षमता को एक प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है। उन्होंने बंगाल चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई: प्रदेश प्रभारी की कमान: ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रभारी के रूप में गुप्ता ने राज्य की 177 विधानसभा सीटों पर मोर्चा संभाला।
सटीक चुनावी रणनीति: उनके नेतृत्व में चलाए गए विशाल सम्मेलनों और जनसंपर्क अभियानों ने ओबीसी समाज को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
जैसे ही संजय गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने और राष्ट्रीय नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, कुशीनगर के तमकुही राज क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
कार्यकर्ताओं का उत्साह: सलेमगढ़ सहित पूरे क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटीं।
विकास की उम्मीद: स्थानीय समर्थकों का कहना है कि संजय गुप्ता का राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता कद क्षेत्र के विकास के लिए नए द्वार खोलेगा।

यह जीत संघर्ष और राष्ट्रहित की है” – संजय गुप्ता
समारोह के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए संजय गुप्ता ने कहा:पश्चिम बंगाल की जनता ने तुष्टीकरण को नकार कर विकास और राष्ट्रहित की राजनीति को चुना है। यह जीत उन हजारों कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।”
शपथ ग्रहण समारोह में संजय गुप्ता को मिला विशेष स्थान यह संकेत देता है कि आने वाले समय में भाजपा संगठन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाज सकता है।





