
एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार GTV UP BIHAR NEWS
शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, क्षेत्र में ओजस्वी मिश्रा की उल्लेखनीय पहल—युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत ओजस्वी मिश्रा।
तमकुहीराज/कुशीनगर। तमकुहीराज क्षेत्र के एक छोटे से गांव से निकलकर समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा ओजस्वी मिश्रा आज शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों के लिए निरंतर सक्रिय हैं। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने तकनीकी शिक्षा हासिल की, लेकिन अपने करियर के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी को भी जीवन का उद्देश्य बनाया।
कुशीनगर में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद ओजस्वी मिश्रा ने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से बीटेक की शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज जीवन के दौरान ही उन्होंने मित्रों के साथ मिलकर वृक्षारोपण अभियान शुरू किया। इसके साथ ही रक्तदान सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद का सिलसिला भी जारी रखा।
बीटेक के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर पहुंचे मिश्रा ने वहां हुए दर्दनाक हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौर ने उनकी सामाजिक चेतना को और मजबूत किया तथा उन्होंने समाजहित में निरंतर काम करने का संकल्प लिया।
वर्तमान में रामज्ञानी फाउंडेशन के माध्यम से वे शिक्षा से वंचित बच्चों की सहायता, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, सड़क सुरक्षा, हेलमेट वितरण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं पूर्वांचल गौरव सम्मान यात्रा के जरिए पूर्वांचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
ओजस्वी मिश्रा की यात्रा यह संदेश देती है कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए बड़े संसाधनों से अधिक जरूरी संवेदनशील सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास है। उनका मानना है कि वास्तविक सफलता केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ने का अवसर देने में है।
युवाओं के लिए संदेश: ओजस्वी मिश्रा का जीवन उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के साथ समाज और देश के लिए भी कुछ सार्थक करना चाहते हैं।




