शराब तस्करों की कमर टूटी: तरयासुजान SHO नितिन रघुनाथ ने 48 घंटे में ध्वस्त किया अंतरराज्यीय नेटवर्क, बड़े सरगना अब रडार पर।

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार
कुशीनगर। सीमावर्ती क्षेत्रों में पैर पसार चुके अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ तरयासुजान पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है।
थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महज 48 घंटे के भीतर ‘डबल स्ट्राइक’ करते हुए न सिर्फ भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की, बल्कि इस पूरे काले कारोबार के आर्थिक और आपराधिक सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। पुलिस की इस आक्रामक रणनीति से सीमापार और स्थानीय तस्करों के पूरे तंत्र में हड़कंप मच गया है।
48 घंटे में दो बड़ी कामयाबी: पिकअप से कार तक का सफर।
पुलिस की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने दो अलग-अलग अभियानों में तस्करों के दो अलग-अलग तौर-तरीकों को बेनकाब किया:
पहली स्ट्राइक: एक मालवाहक पिकअप को रोककर भारी मात्रा में देशी शराब बरामद की गई।
दूसरी स्ट्राइक: तस्करों के नए पैंतरे को नाकाम करते हुए एक लग्जरी कार से हरियाणा निर्मित महंगी अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई।
थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव का कड़ा संदेश: कार्रवाई सिर्फ माल पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी। हमारा लक्ष्य शराब तस्करी के पूरे रूट, इसमें पैसा लगाने वाले चेहरों और इसे संरक्षण देने वाले सफेदपोशों को बेनकाब करना है।
तकनीक और इनपुट से खुलेगा बड़े ‘खिलाड़ियों’ का राज
लग्जरी कार की बरामदगी के बाद पुलिस के हाथ कई ऐसे पुख्ता सुराग और तकनीकी साक्ष्य लगे हैं, जो इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक सीधे पहुंचते हैं। पुलिस अब कार के असली मालिक, उसके कॉल डिटेल्स और तस्करों के वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है।
तस्करों के जो रास्ते कभी ‘सुरक्षित गलियारे’ माने जाते थे, वहां अब पुलिस का सख्त पहरा है। स्थानीय लोगों के बीच पुलिस के इस कड़े रुख और टीम वर्क की जमकर सराहना हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस जांच के दायरे में कई बड़े नाम आने वाले हैं और जल्द ही इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।




