कुशीनगर,सलेमगढ: मौत का ‘ब्लैक स्पॉट’ बना निर्माणाधीन ओवरब्रिज, बिना बैरिकेडिंग और सुरक्षा के फिर मंडराने लगा काल का साया।

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️
कुशीनगर (सलेमगढ)। जिस ओवरब्रिज का निर्माण लोगों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा था, आज वही सलेमगढ के लोगों के लिए दहशत का सबब बन गया है। ओवरब्रिज बनने से पहले यहाँ कितने लोग सड़क दुर्घटनाओं में ‘काल के गाल’ में समा चुके हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी स्थितियां सुधरने के बजाय और भी भयावह हो गई हैं।
सलेमगढ में बन रहे ओवरब्रिज के पास सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह नदारद हैं। निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात के समय कोई चेतावनी सूचक साइन बोर्ड (Reflectors) लगाए गए हैं। इस घोर लापरवाही के जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
अधूरा निर्माण, पूरा खतरा: मुख्य समस्याएं
ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार, निर्माण कार्य के चलते सड़क संकरी हो गई है, ऊपर से बेतरतीब पड़े मलबे और बिना सुरक्षा घेरे के काम होने से निम्नलिखित समस्याएं पैदा हो रही हैं:
बैरिकेडिंग का अभाव: निर्माण स्थल और चालू सड़क के बीच कोई ठोस विभाजन नहीं है।
अंधेरे में जानलेवा सफर: रात के वक्त पर्याप्त रोशनी न होने से वाहन सीधे गड्ढों या निर्माण सामग्री से टकरा रहे हैं।
पुरानी यादें और ताजा डर
सलेमगढ का यह इलाका पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए बदनाम रहा है। वर्षों की मांग के बाद ओवरब्रिज की मंजूरी तो मिली, लेकिन निर्माण की धीमी गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और कार्यदायी संस्था की इस सुस्ती का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर फिर से चुकाना ना पड़े।
जनता की मांग: सुरक्षा पहले,
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक पूरे क्षेत्र में प्रॉपर बैरिकेडिंग, रेडियम लाइट और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सलेमगढ ओवरब्रिज के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द होने चाहिए, ताकि किसी और का घर उजाड़ने से बचाया जा सके।”




