
गोपालगंज (बैकुंठपुर)। जनपद में अपराधियों और जालसाजों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोपालगंज पुलिस और एसआईटी (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंहासिनी गांव में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए देर रात छापेमारी की और केमिकल के जरिए रुपये दोगुना-तिगुना करने का झांसा देने वाले एक हाईप्रोफाइल ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
मौके से ₹95 लाख कैश और नोट गिनने वाली मशीन बरामद गुप्त सूचना के आधार पर सिधवलिया एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने जब सिंहासिनी गांव में प्रदीप पूरी के ठिकाने पर रेड मारी, तो भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने मौके से आठ (08) आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को निम्नलिखित चीजें बरामद हुईं ₹95 लाख रुपये नकद (भारतीय मुद्रा)।नोट के साइज में बारीकी से कटे सफेद कागज के बंडल।नोट चमकाने और ठगी में इस्तेमाल होने वाला विशिष्ट केमिकल।नोटों की गड्डियां पैक करने का सामान और आधुनिक नोट गिनने वाली मशीनें।
बरामद रकम में नकली नोट (Fake Currency) होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी बारीकी से तकनीकी जांच कराई जा रही है।
केमिकल और हाथ की सफाई’ से देते थे झांसा पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह सीधे-साधे लोगों को कम समय में अमीर बनने का लालच देता था। आरोपी केमिकल और अपनी खास हाथ की सफाई का लाइव डेमो दिखाते थे, जिससे सादा कागज भी पल भर में असली नोट जैसा दिखने लगता था। लोग इस ‘जादू’ के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई इन्हें सौंप देते थे।
पश्चिम बंगाल से जुड़ा है सिंडिकेट, मास्टरमाइंड की तलाश तेज पुलिस जांच में पता चला है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल के वर्धमान इलाके से भी जुड़े हैं। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड ‘फरहज’ नामक व्यक्ति बताया जा रहा है, जो बैकुंठपुर में दिलसेर नामक शख्स के घर पनाह लिए हुए था। पुलिस के मुताबिक दिलसेर और उसका परिवार भी इस काले धंधे में शामिल था।
गोपालगंज पुलिस और एसआईटी की टीमें अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने और इनके बाकी मददगारों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के लोग बड़ी ठगी का शिकार होने से बच गए हैं।




