गोपालगंज गंडक में अवैध खनन के विरुद्ध बड़ी जीत: प्रशासन की सख्ती से माफियाओं में मची हड़कंप।

शक्ति कुमार ✍️
गोपालगंज: गंडक नदी की पारिस्थितिकी और सरकारी संपदा को बचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के कड़े रुख और ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के कारण रूपनछाप और बतरदेह घाटों पर चल रहे अवैध बालू खनन पर प्रशासन ने पूरी तरह नकेल कस दी है।
अवैध गतिविधियों की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित और प्रभावी रणनीति के साथ छापेमारी की, जिसके परिणाम जब्ती: मौके से अवैध खनन में संलिप्त दो ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन को जब्त किया गया। मौके पर कार्रवाई: जेसीबी के जरिए हो रहे अवैध लोडिंग के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है।

यह सफल ऑपरेशन प्रभारी जिला खनिज पदाधिकारी अनिल कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
माफियाओं में मची हड़कंप।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लगे तत्वों के बीच खलबली मचा दी है। टीम के पहुँचते ही खनन माफिया वाहन छोड़कर भाग खड़े हुए, जो प्रशासन के बढ़ते खौफ को दर्शाता है।
“्गंडक नदी में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को कड़ी निगरानी और निरंतर छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।” पवन कुमार सिन्हा, जिला पदाधिकारी
प्रशासन केवल जब्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जब्त वाहनों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को अंतिम अंजाम तक पहुँचाने में जुटा है। लगातार हो रही इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि गोपालगंज में अब प्राकृतिक संसाधनों की लूट संभव नहीं होगी।
इस सक्रियता से आम नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में खुशी की लहर है, क्योंकि यह कार्रवाई न केवल सरकारी राजस्व को बचाती है बल्कि गंडक नदी के अस्तित्व की भी रक्षा करती है।




