कुशीनगर: तरयासुजान में खनन माफिया बेखौफ, सुबह होते ही ‘काल’ बनकर दौड़ रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां!

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️
नियमों को ताक पर रख अहिरौली दान में हो रहा अवैध मिट्टी खनन, उड़ती धूल से राहगीर परेशान; ग्रामीणों ने SP केशव कुमार से लगाई न्याय की गुहार.
अहिरौली दान/कुशीनगर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से इस वक्त की एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। तरयासुजान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अहिरौली दान (डीह टोला) में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार बिना किसी डर के, खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, खनन माफिया बिना किसी वैध अनुमति और रॉयल्टी के सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना तो लगा ही रहे हैं, साथ ही आम जनता की जिंदगी को भी दांव पर लगा रहे हैं।
सुबह 5 बजते ही शुरू होता है ‘अवैध खेल’
आश्चर्य की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे यह पूरा खेल रोजाना चल रहा है।
समय: प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से लेकर दिन के 11:00 बजे तक। जेसीबी (JCB) मशीनों से खेतों को खोदा जा रहा है और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी की सप्लाई की जा रही है।
सवाल: स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर इन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो ये बिना किसी कानूनी खौफ के बेखौफ घूम रहे हैं?
सड़कों पर ‘यमराज’ बने ओवरलोडेड ट्रैक्टर
इस अवैध खनन के कारण सबसे बड़ा खतरा सड़कों पर चल रहे राहगीरों और स्कूली बच्चों को हो रहा है। मिट्टी से लदे ये ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर अंधाधुंध और बेहद खतरनाक रफ्तार से फर्राटा भर रहे हैं।
हादसे का डर: सुबह के वक्त जब छोटे-छोटे बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं, तब ये बेलगाम वाहन किसी बड़ी दुर्घटना को दावत देते नजर आते हैं।
धूल का गुबार: मिट्टी को बिना तिरपाल ढके ले जाया जा रहा है, जिससे पूरी सड़क पर धूल की मोटी परत जम गई है। राहगीरों और बाइक सवारों का दम घुट रहा है और आंखों में धूल जाने से लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
कुशीनगर SP केशव कुमार से सीधी गुहार: साहब! माफियाओं पर कसें शिकंजा स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद अब पीड़ित ग्रामीणों और क्षेत्र के सजग नागरिकों ने सीधे जिले के पुलिस कप्तान (SP) केशव कुमार का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने एक सुर में SP साहब से मांग की है कि अहिरौली दान डीह टोला में चल रहे इस अवैध खनन को तुरंत रुकवाया जाए।

बिना तिरपाल और ओवरलोड दौड़ रहे इन ‘कातिल’ वाहनों को तत्काल कार्रवाई किया जाए।
सरकारी राजस्व की चोरी करने वाले और जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर FIR दर्ज कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
इस सनसनीखेज मामले के उजागर होने के बाद अब गेंद तरयासुजान थाना पुलिस और जिला खनन विभाग के पाले में है।
देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध सिंडिकेट पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर माफियाओं के हौसले ऐसे ही बुलंद रहेंगे.




