गोपालगंज पुलिस अलर्ट मोड पर: SP विनय तिवारी के निर्देश के बाद थानों में ‘चौकीदारी परेड’, अपराधियों और शराब तस्करों की अब खैर नहीं।

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️
गोपालगंज। जिले में कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने और सुरक्षा तंत्र को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी (SP) के निर्देश पर एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न थानों में थानाध्यक्षों के नेतृत्व में ‘चौकीदारी परेड’ का आयोजन किया गया, जिसने अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
सूचना तंत्र को धार देने की कवायद
इस परेड के दौरान थानाध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्र के चौकीदारों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस का मुख्य उद्देश्य ‘सूचना तंत्र’ (Intelligence Wing) को इतना मजबूत करना है कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही पुलिस के पास इनपुट मौजूद हो। चौकीदारों को स्पष्ट कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और किसी भी छोटी-बड़ी हलचल की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दें।
इन 4 बिंदुओं पर पुलिस का विशेष रहेगा फोकस:
पेशेवर अपराधियों पर नज़र: जेल से बाहर आए शातिर और पेशेवर अपराधियों की गतिविधियों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराबबंदी पर सख्ती: जिले में शराब तस्करी और अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए सूचना संकलन तेज करने को कहा गया है।
आपसी समन्वय: पुलिस और चौकीदारों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर ज़ोर दिया गया ताकि रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जा सके।
असामाजिक तत्वों पर नकेल: शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को चिन्हित कर उन पर कठोर कार्रवाई की तैयारी है।
चौकीदार पुलिस की आंख और कान होते हैं। इस पहल से न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव भी पैदा होगा।
शांति व्यवस्था के लिए पुलिस सक्रिय
जिले में शांति कायम रखने के लिए पुलिस अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। थानाध्यक्षों द्वारा खुद कमान संभालने और सीधे ग्राउंड जीरो के प्रहरियों (चौकीदारों) से संवाद करने से अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
गोपालगंज पुलिस की इस सक्रियता से साफ़ है कि ज़िले में कानून का राज और भी मज़बूत होगा।




