कुशीनगर। राम नाम की अमृत वर्षा से सराबोर हुआ माधोपुर खुर्द: “राम से बड़ा राम का नाम, पं० अभिषेक शास्त्री।

शक्ति कुमार ✍️
सलेमगढ़, कुशीनगर: जब श्रद्धा का संगम समर्पण से होता है, तो वातावरण खुद-ब-खुद ‘राममय’ हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा तरयासुजान क्षेत्र के माधोपुर खुर्द (बहादुरपुर चौकी) में देखने को मिला, जहाँ नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के प्रथम दिन आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
कथा के शुभारंभ पर आयोजित भव्य कलश यात्रा और गणेश वंदना ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। व्यासपीठ पर विराजमान विद्वान कथा वाचक पं० अभिषेक शास्त्री जी (श्रीधाम वृन्दावन) ने अपनी ओजस्वी वाणी से जैसे ही राम नाम का संकीर्तन शुरू किया, पाण्डाल में मौजूद हजारों भक्त भक्ति के सागर में गोते लगाने लगे।
व्यासपीठ से निकले अनमोल वचन
पं० अभिषेक शास्त्री जी ने कथा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कुछ मुख्य बिंदु साझा किए:
संशयों का नाश: शास्त्री जी ने कहा, “श्रीराम कथा केवल एक पौराणिक गाथा नहीं, बल्कि वह दिव्य अमृत वर्षा है जो मनुष्य के मानसिक संशय और दुविधाओं को जड़ से मिटा देती है।”
राम से बड़ा राम का नाम: उन्होंने जोर देकर समझाया कि प्रभु राम से भी अधिक शक्तिशाली उनका ‘नाम’ है, जो कलयुग में हर मांगलिक कार्य का आधार और भवसागर से पार उतरने वाली नौका है।
सकारात्मक जीवन: कथा श्रवण से केवल पुण्य ही नहीं मिलता, बल्कि जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है और अंतःकरण शुद्ध होता है।
भक्ति और प्रबंधन का अनूठा संगम।
कथा के दौरान रामचरितमानस की चौपाइयों और सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस आध्यात्मिक महोत्सव को सफल बनाने में आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की निष्ठा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर अभिषेक पाठक जी शास्त्री, मुकल श्रीवास्तव (अध्यक्ष), नितेश श्रीवास्तव (उपाध्यक्ष), विपिन सिंह, प्रदीप शर्मा (मंत्री), पुष्पेन्द्र मिश्रा (महामंत्री), रामकुवर लाल (संरक्षक), और विपिन लाल श्रीवास्तव (सहसंरक्षक) सहित विवेक शर्मा, अमृत पटेल, सोनू साह और हजारों की संख्या में माताएं-बहनें एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
“राम कथा जीवन जीने की वह कला है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है।” — पं० अभिषेक शास्त्री




