कुशीनगर। सती के अभिमान और शिव-पार्वती विवाह की जीवंत झांकी: माधोपुर खुर्द में उमड़ा जनसैलाब,प० -अभिषेक शास्त्री।

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️
सलेमगढ़, कुशीनगर: तरयासुजान थाना क्षेत्र के माधोपुर खुर्द ग्राम सभा में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित अभिषेक शास्त्री महाराज ने माता सती के प्रसंग और शिव-विवाह की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा व्यास का सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभिप्रियम ग्रुप के सीएमडी अभिषेक मिश्रा ने व्यास पीठ का पूजन किया। उन्होंने कथा व्यास पंडित अभिषेक शास्त्री को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
अभिमान का फल: जब सती ने किया प्रभु पर संदेह द्वितीय दिवस की कथा का मुख्य केंद्र माता सती का चरित्र रहा। महाराज जी ने बताया कि:कथा का अनादर: माता सती ने अभिमान वश कुंभज ऋषि के मुख से श्रीराम कथा का श्रवण नहीं किया, जिसके कारण उनके मन में प्रभु श्रीराम के स्वरूप को लेकर संदेह उत्पन्न हो गया।
यज्ञ में आत्मदाह: इसी मोह और संदेह के कारण उन्होंने बिना निमंत्रण अपने पिता दक्ष के यज्ञ में जाने का निर्णय लिया। वहां महादेव और स्वयं का अपमान सहने में असमर्थ होकर उन्होंने योग-अग्नि द्वारा अपने शरीर को भस्म कर दिया।
कथा के अगले चरण में माता सती के पुनर्जन्म (माता पार्वती) और भगवान शिव के साथ उनके विवाह का प्रसंग सुनाया गया।दिव्य बारात: भगवान शंकर की बारात में देवताओं के साथ-साथ भूत-प्रेत और गणों की सुंदर झांकी निकाली गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जमकर नृत्य किया। भगवान विष्णु सहित समस्त देवगणों ने इस उत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस दौरान उपस्थिति।
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में आयोजन समिति के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से:अध्यक्ष: गौरव श्रीवास्तव ‘मुकुल’उपाध्यक्ष: नितेश श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष: मनमोहन श्रीवास्तव महामंत्री: बिपिन पटेल मंत्री: पुष्पेंद्र मिश्रा इसके साथ ही रजत श्रीवास्तव, अभिषेक शाह, अमृत पटेल, प्रदीप शर्मा, रवि पटेल, सतीश पटेल, बबन मिश्रा, सत्या चौहान, मंजेश चौहान, गोलू शाह, यज्ञ आचार्य अभिषेक पाठक और विवेक शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के अंत में भगवान की आरती और प्रसाद वितरण के साथ द्वितीय दिवस की कथा का विश्राम हुआ।”




