E-Paperक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियाधर्मबिहारबॉलीवुडमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़
Trending

सहरसा: अब थाने में ‘साहब’ नहीं ‘साझा’ होंगे दुख-दर्द; DIG की पहल से ‘पानी-बिस्किट’ के साथ हो होगी फरियादियों का स्वागत।

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार ✍️ 

सहरसा। बिहार के कोसी क्षेत्र में खाकी का एक ऐसा चेहरा सामने आ रहा है, जो न सिर्फ नया है बल्कि मानवीय संवेदनाओं से सराबोर भी है। कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने पुलिस और जनता के बीच की उस पुरानी दीवार को ढहाने की शुरुआत कर दी है, जहाँ कभी आम आदमी थाने की चौखट लांघने से भी कतराता था।

भय की जगह मुस्कान: नई पुलिसिंग की आगाज

अक्सर देखा जाता है कि अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचने वाला व्यक्ति पहले से ही परेशान और डरा हुआ होता है। इसी डर को खत्म करने के लिए ‘पब्लिक फ्रेंडली अभियान’ की शुरुआत की गई है। अब सहरसा समेत कोसी रेंज के थानों में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को केवल न्याय का आश्वासन ही नहीं, बल्कि सम्मान के रूप में पानी और बिस्किट भी दिया जा रहा है।

डीआईजी का मंत्र: “अपराधियों पर वज्र, जनता पर फूल”

अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कड़ा संदेश दिया है कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस में सुरक्षा का भाव पैदा करना भी है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा: पुलिस और जनता के बीच दूरी नहीं, बल्कि अटूट भरोसा होना चाहिए। हमारी नीति साफ है— सख्ती अपराधियों पर और नरमी आम जनता पर। जब एक फरियादी मुस्कुराते हुए थाने से बाहर निकलेगा, तभी पुलिसिंग सफल मानी जाएगी।”

चर्चा में ‘कोसी मॉडल‘

यह पहल केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस की कार्यशैली में एक बड़े वैचारिक बदलाव का संकेत है। इस अभियान के मुख्य बिंदु हैं:

सम्मानजनक स्वागत: थाने पहुंचने वाले पीड़ित को सम्मान के साथ बिठाना।

संवेदनशीलता: बुजुर्गों और बच्चों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनना।

संवाद: पुलिस अधिकारियों को जनता के साथ मृदु व्यवहार करने के निर्देश।

कोसी रेंज में शुरू हुई इस अनूठी पहल की चर्चा अब हर जुबान पर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस छोटे से कदम से पुलिस के प्रति जनता का नजरिया बदलेगा और लोग बिना किसी हिचकिचाहट के अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए आगे आएंगे।

वाकई, कोसी पुलिस का यह ‘नया अंदाज़’ बिहार में मित्र पुलिसिंग की एक नई इबारत लिख रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!